बेतिया: भारी वर्षा तथा वज्रपात का अलर्ट जारी, जिलावासी सतर्क रहें : DM

*मौसम विभाग का पूर्वानुमान 15-17 जून 2021 तक तेज आँधी, भारी बारिश, मेघगर्जन, वज्रपात की है संभावना
*नदियों के जलस्तर में वृद्धि को लेकर तटबंधों की सतत निगरानी करें पदाधिकारी
*आश्रय स्थलों पर सभी व्यवस्था अद्यतन रखने का निदेश


बेतिया।अवधेश कुमार शर्मा।

भारत मौसम विज्ञान विभाग पटना बिहार की भारी वर्षा, मेघ गर्जन, वज्रपात को लेकर सावधानी(एलर्ट) बरतने को कहा है। जिसमें अलर्ट में कहा गया है कि दिनांक 15 जून 2021 से 48 घंटे तक जिला में भारी वर्षा, वज्रपात होने तथा तेज आँधी चलने की प्रबल संभावना है।

भारत मौसम विज्ञान विभाग पटना के अलर्ट के दृष्टिगत डीएम कुंदन कुमार ने तेज आँधी, पानी, मेघ गर्जन, वज्रपात के प्रभाव से निपटने को प्रभारी पदाधिकारी, जिला आपदा कोषांग, सभी अनुमंडल पदाधिकारी, प्रखण्ड विकास पदाधिकारी, राजस्व पदाधिकारी(सीओ) थानाध्यक्ष, एसडीआरएफ को सावधानी बरतने व सुरक्षात्मक आवश्यक सभी कार्रवाई करने का निदेश दिया है। पश्चिम चम्पारण जिला में लगातार अप्रत्याशित रुप से औसतन 166 एम.एम. वर्षा रिकॉर्ड किया गया है।

सिर्फ बेतिया प्रखंड क्षेत्र में 170 एम.एम. वर्षा दर्ज किया गया है, जो काफी ज्यादा है। यहाँ के बड़े-छोटे सभी नालों की धारण क्षमता से काफी अधिक वर्षा हुई है। समीक्षा के क्रम में नगर आयुक्त ने बताया कि नगर निगम बेतिया शहर के विभिन्न नालों की बड़े मशीनों के माध्यम से सफाई/उड़ाही कर जल निकासी करायी जा रही है। अंधेरी-चुनरी, चन्द्रावत व अन्य नदी जहाँ शहरी जल निस्तारण होता है, वहाँ भी बेहतर सफाई की जा रही है, जिससे शहर में जमा पानी को जल्द से जल्द निकाला जा सके।

बेतिया नगर निगम के नगर आयुक्त सहित सभी नगर निकायों के कार्यपालक पदाधिकारी को निदेश दिया गया है कि भारी वर्षा, तेज आँधी, वज्रपात के दृष्टिगत शहरी क्षेत्रों में सभी संसाधनों के साथ टीम तैयार रखेंगे। भारी बारिश के आलोक में जलनिकासी की समुचित व्यवस्था करें। जिला पदाधिकारी कुंदन कुमार ने कहा कि प्राप्त सूचना के अनुसार नेपाल में अनवरत वर्षा को लेकर तथा नारायणी घाट से आज मध्याह्न 12.00 बजे 2 लाख क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया गया है। फिलवक्त गंडक बराज से 2 लाख 34 हजार पानी का डिस्चार्ज हुआ है। जिसके बढ़ने की संभावना है। उपर्युक्त पानी गंडक बराज, वाल्मीकिनगर तक 06 बजे तक पहुँच जाएगा तथा रात के समय गंडक नदी की सहायक नदी के आसपास के क्षेत्रों में फैलने की संभावना है। फ्लड फाइटिंग कार्य से संबंधित सभी कार्यपालक अभियंता पूरी मुस्तैदी के साथ अपने कर्तव्यों एवं दायित्वों का निर्वहन करें।

विगत वर्ष बाढ़ आपदा के समय सभी ने अच्छा कार्य किया है। ऐसे ही संभावित बाढ़ एवं कटाव से निपटने के लिए सर्वोत्तम कर्तव्य निर्वहन करें। समीक्षा के क्रम में फ्लड फाइटिंग इंजीनियर जमील ने बताया कि मंगलवार की रात तक गंडक बराज से लगभग तीन लाख क्यूसेक पानी छोड़ने की उम्मीद है। सभी पदाधिकारियों एवं कर्मियों को पूरी तरह अलर्ट कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि जून माह में ढाई लाख से अधिक पानी डिस्चार्ज होना अप्रत्याशित है। सभी सुरक्षात्मक कार्रवाई की जा रही है। डीएम ने निदेश दिया कि फ्लड इंजीनियर युद्धस्तर पर फ्लड प्रॉटेक्शन कार्य सुनिश्चित करें। फ्लड फाइटिंग टीम को सभी आवश्यक संसाधनों के साथ सदैव अलर्ट रहने को कहें तथा आवश्यकतानुसार फ्लड फाइटिंग कार्य सम्पन्न कराएं। सभी अंचलाधिकारी, संबंधित कार्यपालक अभियंता को स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखने तथा तटबंधों की नियमित निगरानी करने का निदेश जिलाधिकारी द्वारा दिया गया है। उन्होंने कहा कि आंधी-तूफान के दौरान सड़कों पर पेड़ आदि गिर जाते हैं, जिससे आवागमन में बाधा पहुंचती है। सभी अंचलाधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि पेड़ गिरने की स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जाय तथा त्वरित गति से यातायात व्यवस्था सुचारु करने की कार्रवाई करेंगे।


जिला पदाधिकारी ने सभी (सीओ) राजस्व पदाधिकारी को निदेश दिया है कि संबंधित क्षेत्रों में पंचायत प्रतिनिधियों से समन्वय स्थापित कर माईकिंग के माध्यम से आमजन को भारी बारिश, तेज आँधी, वज्रपात से बचाव को जागरूक करेंगे। किसानों एवं तटवर्ती इलाकों में रहने वालों को सुरक्षित स्थलों पर जाने, घरों में रहने के संबंध में माइकिंग के माध्यम से जागरूक करने का निदेश दिया है। सभी आश्रय स्थलों पर सभी व्यवस्था अद्यतन रखने को निदेशित किया गया है। जिला आपदा प्रभारी को निदेशित किया है कि मौसम विज्ञान विभाग के जारी निदेश तथा संभावित बाढ़ के मद्देनजर एसडीआरएफ की टीम को सभी आवश्यक संसाधनों के साथ पूरी तरह अलर्ट मोड में रखना सुनिश्चित करें। जिससे विषम परिस्थिति में जान-माल की सुरक्षा की जा सके। सभी राजस्व पदाधिकारी (सीओ) को नाव, नाविकों की समुचित व्यवस्था करने का निदेश जिला पदाधिकारी ने दिया है। सड़क निर्माण से जुड़े सभी कार्यपालक अभियंताओं को निदेश है कि सभी पथ/पहुँच पथ की सतत निगरानी कर, नदी के कटाव से क्षतिग्रस्त सड़कों/पहुँच पथों की मरम्मति अविलंब कराना सुनिश्चित करें।

कार्यपालक पदाधिकारी, विद्युत विभाग को आंधी-तूफान के दौरान बिजली पोलों, तारों पर पैनी नजर बनायें रखने को कहा गया है। अगर कोई बिजली पोल या तार क्षतिग्रस्त होता है तो अविलंब उसकी मरम्मति कर बिजली आपूर्ति सुचारू करें। टीम का गठन कर जिला के सभी बिजली तारों एवं पोलों का निरीक्षण करने का निदेश भी डीएम ने दिया है। जिलावासियों से अपील करते हुए, डीएम ने कहा है कि भारत मौसम विज्ञान विभाग के भारी वर्षा, तेज आँधी, मेघ गर्जन, वज्रपात को लेकर जारी अलर्ट को अत्यंत ही गंभीरतापूर्वक लें। जिलावासी उचित सावधानी एवं सुरक्षा के उपाय बरतें। बिजली चमकने या गड़गड़ाहट की आवाज सुनाई देने के बाद किसान तथा नागरिक पक्के घर में शरण लें। तटवर्ती इलाका के लोग इस दौरान सुरक्षित स्थलों पर चले जाएं। नदियों के जलस्तर में वृद्धि को देख सभी ऊँचे स्थानों पर चले जाएं। घरों में रहें, अपने तथा अपने परिवार के बचाव को सतर्क रहें। बारिश-तूफान के दौरान अपने बच्चों को घरों में रखें, उन्हें बाहर नहीं जाने दें। किसान अपने मवेशियों को खुले में नहीं बांधे, सुरक्षित स्थलों पर रखें।

Post Slider

18
16
14
3
11
15
17
19
13
12
2
4
10
8
5
6
a2znews