फालतू की बात चलाई जा रही है, अरे हमको… इंडिया गठबंधन की बैठक पर सीएम नीतीश कुमार ने तोड़ी चुप्पी

-फालतू की बात चलाई जा रही है, अरे हमको… इंडी गठबंधन की बैठक पर सीएम नीतीश कुमार ने तोड़ी चुप्पी

 

पटना। सम्वाददाता।

तीन राज्यों में कांग्रेस की करारी हार और इंडी गठबंधन की बैठक को लेकर आखिर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपनी चुप्पी तोड़ दी है। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए अपनी पार्टी का पक्ष सामने रखा।
उन्होंने कहा कि न्यूज में फालतू की बात चलाई जा रही थी कि हम जानबूझकर मीटिंग में शामिल होने नहीं जा रहे। अरे हमको बुखार था न जी इसलिए बैठक में नहीं जा रहे थे। हमलोग तो चाहते ही हैं बैठक आगे हो और 2024 के चुनाव से पहले कोई ठोस निर्णय हो।
नीतीश कुमार ने स्पष्ट करते हुए कहा कि यह संभव ही नहीं है कि मैं बैठक में नहीं जाऊं। नीतीश कुमार ने कहा कि बहुत तेजी से आपस में बातचीत करके सबकुछ तय कर लीजिए। देर मत कीजिए। अब देर हो गई है न, लोकसभा चुनाव में 4 महीना का मात्र समय बचा है इसलिए तुरंत योजना बनानी चाहिए।

नीतीश कुमार ने कहा कि हम एक साल से कितनी कोशिश कर रहे हैं। बाकी सब बीच में जब चुनाव होता है तो सब पार्टी इधर से उधर चली जाती है। हम चाहते हैं जितने लोग साथ में हैं मिलकर एक बार फिर आइए और काम कीजिए। अब राज्य के स्तर पर भी काम कीजिए।
उन्होंने मीडिया से कहा कि मेरे बारे में बिना मतलब का चलाया जाता है। हम कुछ नहीं चाहते हैं। बस राज्य का हित चाहते हैं। इतिहास बदलने वालों से तो एकजुट होकर लड़ाई लड़नी होगी।

इंडी गठबंधन की छह दिसंबर को होने वाली बैठक टली
इंडी गठबंधन की छह दिसंबर को नई दिल्ली में होने वाली बैठक टल गई है। अब यह 17 दिसंबर को होगी। राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद ने यह जानकारी दी। उन्होंने मंगलवार को बक्सर में दावा किया कि अगली बैठक में सभी घटक दलों के बड़े नेता शामिल होंगे। उन्होंने बैठक टलने का कोई कारण नहीं बताया। विधानसभा चुनावों के परिणाम पर भी टिप्पणी नहीं की।

समझा जाता है कि पूर्व व्यस्तताओं के नाम पर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन, झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और सपा प्रमुख अखिलेश यादव छह की बैठक में नहीं जा रहे थे।

सूत्रों के अनुसार लालू प्रसाद को कांग्रेस की ओर से जवाबदेही दी गई है कि वे सभी दलों के निर्णायक नेताओं को बैठक में शामिल होने के लिए राजी करें। माना जा रहा था कि पांच राज्यों के चुनावों में क्षेत्रीय दलों के प्रति कांग्रेस के रूख से आइएनडीआइए के घटक दलों में अप्रसन्नता थी।

अखिलेश यादव और ममता बनर्जी ने इसे प्रकट भी किया था। इससे पहले बैठक में देरी पर नीतीश कुमार ने कांग्रेस नेतृत्व के प्रति अप्रसन्नता व्यक्त की थी।

इसके बाद पांच नवंबर को कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने टेलीफोन पर नीतीश से बातचीत की थी। भरोसा दिया था कि विधानसभा चुनावों के बाद आइएनडीआइए की बैठक बुलाई जाएगी। सूत्रों ने बताया कि चुनाव परिणाम आने के दो दिन पहले ही बैठक के लिए छह दिसंबर की तिथि निर्धारित की गई थी।

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