-दलित बच्ची दुष्कर्म-मौत मामला: पटना में कांग्रेस का उग्र प्रदर्शन, स्वास्थ्य मंत्री की तस्वीर पर कालिख पोती, नामपट्ट पर फेंका गोबर
रिपोर्ट: ब्यूरो | पटना
मुजफ्फरपुर की नाबालिग दलित बच्ची से दुष्कर्म और इलाज में लापरवाही से मौत के मामले में बिहार की सियासत गरमा गई है। इस मुद्दे पर कांग्रेस लगातार सरकार पर हमलावर है। बुधवार को पटना में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय के सरकारी आवास का घेराव कर जबरदस्त प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मंत्री मंगल पांडेय की तस्वीर पर कालिख पोत दी और उनके सरकारी आवास के नामपट्ट पर गोबर फेंककर विरोध जताया। कार्यकर्ताओं ने मंत्री पर हत्या का मुकदमा दर्ज करने और नैतिकता के आधार पर इस्तीफा देने की मांग की।
एंबुलेंस में तड़पती रही बच्ची, कांग्रेस ने गिनाई स्वास्थ्य तंत्र की विफलता:
कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि पीड़िता छह दिनों तक इलाज के लिए भटकती रही। कभी एसकेएमसीएच से पीएमसीएच और फिर एम्स पटना, इस दौरान बच्ची को कई घंटे एंबुलेंस में रहना पड़ा, वह भी बिना ऑक्सीजन और बिना एसी की व्यवस्था के। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यदि समय पर इलाज होता तो बच्ची की जान बच सकती थी।

मंगल पांडेय को बताया ‘सिस्टम का मुखिया’:
कांग्रेस ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इस मामले में सरकार का स्वास्थ्य तंत्र पूरी तरह विफल रहा है और उसकी जिम्मेदारी स्वास्थ्य मंत्री पर बनती है। “मंगल पांडेय सिस्टम के मुखिया हैं, इसलिए उनके खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज होना चाहिए और उन्हें तुरंत इस्तीफा देना चाहिए,” कांग्रेस नेताओं ने कहा।
कांग्रेस शिष्टमंडल ने राज्यपाल से की मुलाकात:
बिहार कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम के नेतृत्व में कांग्रेस के 11 सदस्यीय शिष्टमंडल ने राज्यपाल से मिलकर ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में उन्होंने इस घटना की उच्च स्तरीय जांच, पीड़ित परिवार को मुआवजा, और दोषियों को सख्त सजा देने की मांग की।
राज्यपाल से यह भी मांग की गई कि वे राज्य सरकार को बिहार की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार और दलितों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने का निर्देश दें।
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