Advertisement

गंगा पर दौड़ेगी वाटर मेट्रो, पटना के गांधी घाट पर चार्जिंग प्वाइंट निर्माण शुरू

–गंगा पर दौड़ेगी वाटर मेट्रो, पटना के गांधी घाट पर चार्जिंग प्वाइंट निर्माण शुरू

पटना, 7 मार्च। दीपक कुमार तिवारी।
राजधानी पटना के लोगों को जल्द ही गंगा नदी में वाटर मेट्रो की सौगात मिलने वाली है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत विभिन्न घाटों पर चार्जिंग प्वाइंट बनाने का काम शुरू कर दिया गया है। फिलहाल गांधी घाट पर चार्जिंग प्वाइंट का निर्माण कार्य प्रारंभ हो चुका है। इसके बाद कंगन घाट और दीघा घाट पर भी चार्जिंग प्वाइंट बनाए जाएंगे, जिससे वाटर मेट्रो के इंजन को परिचालन के दौरान चार्ज किया जा सकेगा।
प्रस्तावित वाटर मेट्रो का सफर करीब 10.5 किलोमीटर लंबा होगा। प्रथम चरण में गांधी घाट और गायघाट मुख्य पड़ाव होंगे। इसके बाद दूसरे चरण में सेवा को हाजीपुर और सोनपुर तक विस्तार देने की योजना है।
10.5 किलोमीटर लंबा होगा पहला रूट
पटना वाटर मेट्रो का पहला रूट दीघा घाट से कंगन घाट के बीच करीब 10.5 किलोमीटर का होगा। यह सफर कंगन घाट से शुरू होकर गायघाट, गांधी घाट, दीघा घाट, फरक्का महतो घाट, नारियल घाट, पानापुर, कोंहरा घाट, काली घाट (सोनपुर) और छेछर घाट तक पहुंचेगा।
जानकारी के अनुसार भविष्य में इस योजना को 10 टर्मिनल और 4 अलग-अलग रूट तक विस्तार देने की योजना है, जिससे पटना के साथ-साथ आसपास के जिलों जैसे वैशाली और छपरा से बेहतर संपर्क स्थापित हो सकेगा।

यह परियोजना राष्ट्रीय जलमार्ग-1 को भी मजबूत करेगी और लोगों को सस्ती व वैकल्पिक परिवहन सुविधा उपलब्ध कराएगी।
12 करोड़ से अधिक कीमत की होगी बोट
पटना वाटर मेट्रो के लिए जिस बोट का इस्तेमाल किया जाएगा उसका नाम एमवी-गोमधर कुंवर रखा गया है। इस बोट की कीमत 12 करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है। पूरे पटना वाटर मेट्रो प्रोजेक्ट की लागत करीब 908 करोड़ रुपये आंकी गई है। यह परियोजना इनलैंड वाटरवेज अथॉरिटी ऑफ इंडिया और बिहार सरकार का संयुक्त प्रयास है, जिसमें कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड के इंजीनियरों से तकनीकी सहयोग लिया जा रहा है।
पर्यटकों के लिए दो पर्यावरण अनुकूल वाटर मेट्रो बोट हाइब्रिड मोड में चलाई जाएंगी, जो इलेक्ट्रिक और डीजल दोनों प्रणाली पर काम करेंगी। आपातकालीन स्थिति के लिए 3 से 4 रेस्क्यू बोट भी उपलब्ध रहेंगी। बोट में अत्याधुनिक बैटरी, बैकअप जनरेटर, सीसीटीवी कैमरे और ऑटोमेटिक बोट लोकेशन सिस्टम लगाया जाएगा।
यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सभी बोट एसी युक्त होंगी और उनमें बड़ी कांच की खिड़कियां लगाई जा रही हैं, जिससे गंगा के मनोरम दृश्य का आनंद लिया जा सकेगा। साथ ही बोट को इस तरह डिजाइन किया जा रहा है कि तेज गति में भी कम लहरें पैदा हों, जिससे छोटी नावों में सफर कर रहे लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो।