*गंगा गौशाला कतरास में कवि सम्मेलन का आयोजन
*‘ना हो दीवार तो ये खिड़कियां क्या काम आएगी, अगर जो पढ़ नहीं पाए किसी आंख के आंसू तुम्हारे नाम की यह डिग्रियां क्या काम आऐगी…’ : दिनेश दिग्गज
*जेडसुनी मेरी हथेली है मौका हिना का है, कैसे बनूं बता दूं मैं दुल्हन तेरे बगैर” : योगिता चौहान
*‘प्रेम दिल में जला कर तुम्हारे लिए, लाई सपने जगा कर तुम्हारे लिए.अपने पावन हृदय में बैठा लो मुझे आई हूं मैं यहां तुम्हारे लिए : रजनी सिंह अवनि
कतरास।दिलीप।
कतरास श्री गंगा गौशाला कतरास -करकेन्द में गोपाष्टमी के अवसर पर गौशाला परिसर में कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया. कवि सम्मेलन की प्रसिद्ध चिकित्सक डॉ नेहा प्रियदर्शनी ने अध्यक्षता की. कार्यक्रम की शुरुआत कवि पंडित अशोक नागर ने सरस्वती वंदना से की. उज्जैन के हास्य कवि दिनेश दिग्गज ने प्रस्तुत किया ना हो दीवार तो ये खिड़कियां क्या काम आएगी, अगर जो पढ़ नहीं पाए किसी आंख के आंसू तुम्हारे नाम की यह डिग्रियां क्या काम आऐगी …कविता सुनाये. आगरा से आयी कवित्री योगिता चौहान ने इस धरती से उस अंबर तक हर घर अलख जगानी है, जान हथेली पर रखकर हम को गाय बचानी है… चूड़ी तेरे बगैर ना कंगना तेरे बगैर, भाता नहीं है मुझको यह दर्पण तेरे बगैर. सुनी मेरी हथेली है मौका हिना का है, कैसे बनूं बता दूं मैं दुल्हन तेरे बगैर..कविता सुनाकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।

दिल्ली की कवियत्री रजनी सिंह अवनि ने ना राधा हूं ना मीरा हूं इसे स्वीकार करती हूं, मगर हर श्याम मोहन मैं तेरा दीदार करती हू.मेरे आंखों की भाषा ही मेरे मन की भी भाषा है, कभी फुर्सत से पढ़ लेना यही मनुहार करती हूं… प्रेम दिल में जला कर तुम्हारे लिए, लाई सपने जगा कर तुम्हारे लिए. अपने पावन हृदय में बैठा लो मुझे आई हूं मैं यहां तुम्हारे लिए…कविता सुनाकर श्रोताओं को तालियां बजाने को मजबूर कर दी. उज्जैन से आए कवि राहुल शर्मा ने मत भूलो केसरिया की दृढ संकल्पित भाषा को, गौ रक्षा को जीने वाले संतों की अभिलाषा को…. मध्य प्रदेश से आए पंडित अशोक नागर ने राधा से पूछा श्याम ने मैं किस जगह नहीं….. कविता सुनाये. श्रोताओं ने तालियां बजाकर हौंसलाअजाई किया। लखनऊ से आयी कवित्री कविता तिवारी ने सनातन धर्म संस्कृति को कभी बटने नहीं देंगे सकल धरती पे अपने मान को घटने नहीं देंगे. है जो जगती की पालनहार जिसमें देव बसते हैं. शपथ है हम कभी गोवंश को कटने नहीं देंगे।
धरा की लाज वीरों के पराक्रम पर टिकी होगी, हर एक कण पर समर्पण की इबारद भी दिखी होगी. नजरे भर कर देखो पता चल जायेगा तुझको, तिरंगे पर सपूतों की विजय गाथा लिखी होगी. श्रोताओं ने जमकर तालियां बजाकर उनका अभिवादन किया मौके पर बिलाड़ा के पूर्व अध्यक्ष विजय कुमार झा, डा वीएन चौधरी, डा उमाशंकर सिंह, सुरेंद्र अग्रवाल, डॉ शिवानी झा, महेश अग्रवाल, डा धीरज चौधरी, पोरेश तिवारी, सुभाष राजगडिया, दीपक अग्रवाल, दीपनारायण सिंह, विनोद अग्रवाल, सीए राजेश सिंघल, कमलेश सिंह, पंकज सिन्हा, रणधीर ठाकुर, कृष्ण कन्हैया राय आदि उपस्थित थे।












