-कृष्ण जन्मोत्सव पर नंद के आनंद भयो, जय कन्हैयालाल से गूंजा पंडाल
मुजफ्फरपुर/बंदरा। दीपक।घोसरामा ब्रह्मस्थान परिसर में आयोजित संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन बुधवार को श्रीकृष्ण जन्मोत्सव श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ मनाया गया। कथा प्रवाचिका निकुंज मंजरी चंचला दीदी ने भगवान श्रीकृष्ण के जन्म एवं दिव्य लीलाओं का भावपूर्ण वर्णन कर श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। जन्मोत्सव के दौरान पूरा पंडाल “नंद के आनंद भयो, जय कन्हैयालाल” और “राधे-राधे” के जयकारों से गुंजायमान हो उठा।
इससे पूर्व आचार्यों के सानिध्य में मुख्य यजमान नवीन कुमार, रंजन ठाकुर एवं विमलेश ठाकुर ने विधिवत व्यास पूजन किया। कार्यक्रम के दौरान व्यासपीठ एवं सभी वाद्ययंत्र वादकों को अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया।
कथा के दौरान चंचला दीदी ने श्रीकृष्ण की माखन चोरी लीला का आध्यात्मिक रहस्य बताते हुए कहा कि दूध का सार तत्व माखन है। श्रीकृष्ण द्वारा केवल माखन ग्रहण करने का अर्थ है—जीवन के सार तत्व को अपनाना और असार को त्यागना। उन्होंने कहा कि प्रभु हमें यह संदेश देते हैं कि नश्वर भोगों में समय और सामर्थ्य न गंवाकर अपने भीतर स्थित परमात्मा की प्राप्ति का लक्ष्य रखना चाहिए, तभी जीवन का कल्याण संभव है।

उन्होंने आगे बताया कि श्रीकृष्ण केवल ग्वाल-बालों के सखा नहीं, बल्कि उन्हें आत्मिक रूप से दीक्षित करने वाले जगद्गुरु भी थे। उन्होंने आत्मा का जागरण कर आत्मिक स्तर पर स्थित रहकर सुंदर और संतुलित जीवन जीने की प्रेरणा दी।
कार्यक्रम में धनौर निवासी सेवानिवृत्त शिक्षक महेंद्र ठाकुर, बालेश्वर ठाकुर, पूर्व मुखिया अनिल ठाकुर, कृष्ण कुमार ठाकुर, ललन सिंह, मंटुन राम, गणेश ठाकुर, रवींद्र झा, चंदन झा, सूर्यनारायण सिंह सहित सैकड़ों की संख्या में महिला-पुरुष श्रद्धालु उपस्थित रहे।











