-अभिवृत्ति व्यक्ति के जीवन में निभाती है महत्वपूर्ण भूमिका : राजेन्द्र सिंह बघेल
रिपोर्ट : शशि भूषण मिश्र, भागलपुर
सैनिक स्कूल गणपत राय सलारपुरिया सरस्वती विद्या मंदिर, नरगाकोठी में चल रहे नवीन आचार्य प्रशिक्षण वर्ग, सेवा स्थायित्व वर्ग एवं कार्यरत आचार्य प्रशिक्षण वर्ग 2025 के नवम दिवस का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। यह कार्यक्रम भारती शिक्षा समिति एवं शिशु शिक्षा प्रबंध समिति के तत्वावधान में आयोजित किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ अखिल भारतीय सदस्य राजेन्द्र सिंह बघेल, प्रदेश मंत्री (दक्षिण बिहार) भरत पूर्वे, प्रधानाचार्य उमाशंकर पोद्दार, आचार्य राजीव रंजन कुमार एवं प्रियंका दीदी द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलन कर किया गया।
इस अवसर पर राजेन्द्र सिंह बघेल ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अंतर्गत “अभिवृत्ति” विषय पर शिक्षकों को मार्गदर्शन दिया। उन्होंने कहा, “नज़रिया एक छोटी सी चीज़ होती है जो बड़ा फर्क डालती है। अभिवृत्ति किसी व्यक्ति, समूह, विचार या परिस्थिति के प्रति सकारात्मक या नकारात्मक भाव को दर्शाती है, जो व्यक्ति के सोच, व्यवहार और भावनाओं को गहराई से प्रभावित करती है। यह जीवन में दिशा तय करने में निर्णायक भूमिका निभाती है।”
कार्यक्रम में भरत पूर्वे ने विद्या भारती विद्यालय योजना की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस योजना का उद्देश्य विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ छात्रों के समग्र विकास को बढ़ावा देना है। उन्होंने शिक्षकों को योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए प्रेरित किया।
इस मौके पर वर्ग के मीडिया प्रमुख राकेश नारायण अम्बष्ट, प्रधानाचार्य उमाशंकर पोद्दार, सतीश कुमार सिंह, ब्रह्मदेव प्रसाद, रामचंद्र आर्य, रमेश मणि पाठक, चंद्रशेखर कुमार, छट्टू साह, आकाश कुमार, परमेश्वर कुमार, जितेन्द्र कुमार, रिचा कुमारी एवं मीडिया सह प्रमुख सुजीत कुमार गुप्ता सहित सभी प्रशिक्षणार्थी उपस्थित रहे।
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