अधर में दिग्गजों की भविष्य! अस्त होते राजनीतिक सूर्य!

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-अस्त होते राजनीतिक सूर्य!

बिहार की राजनीति और भाजपा में लंबे अरसे से अपना दबदबा कायम रखने वाले कुछ ऐसे दिग्गज नेता, जो कई कई बार से अपने अपने क्षेत्र का प्रतिनिधित्व लोकसभा में कर रहे हैं। जिनमें से कई दिग्गज कई कई बार केंद्र में मंत्री भी रहे हैं। कुछ तो बिहार और केंद्र सरकार दोनों में भी मंत्री रहे हैं, तो कुछ भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष जैसे पद को भी सुशोभित किए है। मगर आगामी लोकसभा चुनाव के पहले उनकी उम्र अब उन्हें मार्गदर्शक मंडल की तरफ ले जाती हुई दिख रही है।

ऐसी चर्चाएं जोरों पर हैं कि इस बार भाजपा अपने कई सांसदों का टिकट उनकी बढ़ती उम्र के कारण काट सकती है। इन बेटिकट होने वाले सांसदों में कुल 17 में लगभग 7 सांसद चर्चाओं में बने हुए हैं। और सब के सब बड़े नाम है।

1. #राधा_मोहन_सिंह:- भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष, वर्तमान में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के प्रभारी, देश के पूर्व कृषि मंत्री और मोतिहारी से 6 बार के सांसद, श्री राधा मोहन सिंह 75 वर्ष पार कर चुके नेताओं में शुमार हो चुके हैं और ऐसी चर्चा है कि लंबे अरसे से बिहार की राजनीति में दबदबा रखने वाले इस दिग्गज राजनेता के अवकाश का समय आ चुका है और पार्टी इन्हें 2024 के लोकसभा चुनाव में टिकट नहीं देने जा रही है।

2. #अश्विनी_चौबे:- बक्सर से लगातार दूसरी बार सांसद और लगातार दो बार केंद्रीय राज्य मंत्री और भागलपुर से पांच बार विधायक और दो बार बिहार के कैबिनेट मंत्री रहे श्री अश्वनी चौबे जी संघ और भाजपा के दिग्गज नेता रहे है, मगर उम्र की सीमा इस बार इन्हें भी बे टिकट करेगी ऐसी चर्चाएं जोरों पर हैं।

3. #गिरिराज_सिंह:- केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री, बिहार सरकार के पूर्व मंत्री, लगातार दो बार सांसद और दो बार बिहार विधान परिषद के सदस्य रहे, गिरिराज सिंह की बिहार की राजनीति में एक अपनी दबदबा रही है। ऐसी चर्चाएं हैं की इस बार शायद उन्हें भी वे टिकट होना पड़े।

4. #रविशंकर_प्रसाद:- वर्ष 2000 से 2019 तक लगातार राज्यसभा के सदस्य 2019 में पहली बार पटना साहिब से लोकसभा के सदस्य श्री रविशंकर प्रसाद, अटल बिहारी बाजपेई और नरेंद्र मोदी दोनों प्रधानमंत्रियों के कैबिनेट में मंत्री रहे है। वर्तमान में वे भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता और लोकसभा सदस्य हैं। ऐसी चर्चा है की उम्र की सीमा से ये भी अछूते नहीं है और इस बार पार्टी इनकी जगह किसी नए चेहरे को लोकसभा उम्मीदवार बना सकती है।

5. #आरके_सिंह :- केंद्रीय ऊर्जा मंत्री और आरा से लगातार दो बार के सांसद, आरके सिंह देश के गृह सचिव भी रहे है। अपने कड़क मिजाज और प्रशासनिक रुतबे के लिए मशहूर, केंद्रीय मंत्री आरके सिंह की राहें इस बार काफी मुश्किल दिख रही है। ऐसी चर्चा है की पार्टी इस बार उन्हें लोकसभा टिकट देने की बजाय जम्मू और कश्मीर का उपराज्यपाल नियुक्त करने का विचार कर रही है। वैसे भी आरा संसदीय सीट से चुनाव लड़ने के लिए पूर्व सांसद मीना सिंह जदयू का दामन छोड़ भाजपा में शामिल हो चुकी है। ऐसी चर्चा है कि वे या उनके पुत्र विशाल सिंह भाजपा के उम्मीदवार हो सकते हैं। तो वहीं दूसरी तरफ भोजपुरी के सबसे लोकप्रिय गायक और अभिनेता पवन सिंह ने दी आरा संसदीय सीट से अपनी ताल ठोक दी है।

6. #रामा_देवी:- शिवहर की वर्तमान सांसद रामादेवी, 4 बार सांसद और 2 बार विधायक रही है और वह बिहार सरकार में मंत्री भी रह चुकी है। चंपारण की राजनीति में अपनी मजबूत पकड़ रखने वाली रामादेवी भी अब उम्र कि सीमा की वजह से राजनैतिक अवकाश की तरफ अग्रसर है। ऐसी चर्चा है कि सीतामढ़ी के वर्तमान सांसद, सुनील कुमार पिंटू को पार्टी इस बार शिवहर का उम्मीदवार बना सकती है या फिर किसी नए चेहरे की तलाश हो सकती है।

7. #छेदी_पासवान:- चार बार लोकसभा सदस्य और चार बार बिहार विधानसभा के सदस्य रहे, छेदी पासवान, बिहार की राजनीति में अपना एक अलग स्थान रखते हैं। ऐसी चर्चा है की बढ़ती उम्र और बेटे को लोकसभा में भेजने की चाहत उन्हें राजनीतिक संन्यास लेने की तरफ अग्रसर कर रही है और वे खुद सन्यास ले कर अपने बदले बेटे के लिए टिकट की चाहत रखते हैं।

2024 का लोकसभा चुनाव, भाजपा वर्सेस महागठबंधन में कांटे की टक्कर के बीच होने वाली है फिर भी ऐसी चर्चा है कि भाजपा अपने इन दिग्गज नेताओं को अब आराम देना चाहती है। मगर यह फैसला इतना आसान नहीं होगा।

ऐसे में संभव है कि अगर इन चर्चाओं ने हकीकत का रूप लिया, तो 2024 के लोकसभा चुनाव में, बिहार के ये तमाम दिग्गज नेता अपनी अपनी राजनीतिक पारी को समाप्त कर मार्गदर्शक मंडल की तरफ अग्रसर हो चुके होंगे और शायद इनकी जगह कुछ नए चेहरे बिहार की राजनीति में सामने आएंगे।

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